कपास में बैक्टीरियल लीफ ब्लाइट — जल्दी पहचानें, सही इलाज
शुरुआती संकेत पकड़िए, सही कॉपर स्प्रे चुनिए, और अगले मौसम का चक्र तोड़िए। एक व्यावहारिक खेतीयार फील्ड गाइड।
पहले हफ़्ते पकड़ लिया तो ₹500 का कॉपर स्प्रे फसल बचा लेता है। तीसरे हफ़्ते में दिखे तो आप पौधे फिर से लगा रहे होंगे।
कैसा दिखता है — शुरू vs बाद
शुरू: नीचे की पत्तियों पर पतली नसों के बीच पानी जैसे, कोणीय पीले धब्बे। पत्ती को रौशनी की तरफ़ देखें — पारदर्शी दिखेंगे। यही समय काम करने का है।
बाद में: धब्बे भूरे हो जाते हैं, मिलकर बड़े धब्बे बनते हैं, पत्तियाँ गिरती हैं। बैक्टीरिया गांठ तक पहुँचता है — काले धँसे धब्बे, रूई की गुणवत्ता गिरती है। यहाँ तक पहुँच गया तो जो बच सकता है बचाइए।
जो इलाज काम करता है
कॉपर ऑक्सीक्लोराइड (3 g/L) सूर्यास्त पर — दोपहर कभी नहीं, गर्मी पत्तियाँ जलाती है। 7 दिन के अंतराल पर दोहराइए, अधिकतम 3 स्प्रे। फैल रहा हो तो दूसरे स्प्रे में स्ट्रेप्टोसाइक्लीन (50 ppm) मिलाइए।
नीचे की संक्रमित पत्तियाँ काटकर जला दें (कम्पोस्ट नहीं)। 5 दिन तक ऊपर से सिंचाई बंद — बैक्टीरिया गीली पत्तियों पर जमते हैं।
अगले मौसम की रोकथाम
बुवाई से पहले बीज को गर्म पानी (50°C, 20 मिनट) से उपचारित करें। कम से कम एक मौसम कपास को अनाज या दाल से बदलिए। खेत का कचरा जलाइए या गरम कम्पोस्ट कीजिए।
जिन प्लॉट में पिछले साल पानी भरा था वहाँ सहनशील क़िस्में चुनिए। खेतीयार का प्लानर ज़िले के हिसाब से सुझाता है।




